लिव इन रिलेशनशिप क्या है कानून इसके फायदे और नुकसान 

यह बात हम सब जानते हैं कि आजकल अगर कोई लड़का, लड़की साथ में रहते हैं तो सबसे पहले वह शादी जैसे पवित्र बंधन में बंधते हैं। उसके बाद ही एक दूसरे के साथ रहते हैं। परंतु आजकल एक और रिवाज इस दुनिया में आ गया है और उस रिवाज का नाम है लिव-इन रिलेशनशिप। लिव इन रिलेशनशिप का मतलब होता है जब एक लड़का और लड़की आपसी सहमति के बाद बिना शादी के पति पत्नी की तरह रहते हैं। उसे लिव इन रिलेशनशिप कहा जाता है। आइये जानते है लिव इन रिलेशनशिप क्या है, इसके फायदे और नुकसान क्या हैं

लिव इन रिलेशनशिप क्या है

आजकल विदेशों में नहीं बल्कि भारतीय शहरों में भी यह चलन बहुत तेजी से चल रहा है। जब इसके बारे में जांच पड़ताल की गई तो लोगों का मानना है कि जब लड़का लड़की एक दूसरे को जांचने और परखने के लिए एक दूसरे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं, तो उससे उन्हें इस बात का अंदाजा लगता है कि वह आगे भविष्य में एक दूसरे के साथ जिंदगी गुजार सकते हैं कि नहीं। इसलिए वह लिव इन रिलेशनशिप का रास्ता चुनते हैं। कुछ लोग रिलेशनशिप को टाइमपास, और इच्छा पूर्ति का एक माध्यम भी मानते हैं। वही कुछ लोग इस लिव इन रिलेशनशिप को अच्छा नहीं मानते हैं।

हम लोग सोचते हैं कि लिव इन रिलेशनशिप (Live-in Relationships) में जरूर कोई ना कोई फायदा होता होगा। परंतु एक बात हम भूल जाते हैं कि जिन चीजों में फायदा होता है उन चीजों में नुकसान भी होता है। जिन चीजों से आपको फायदे मिलते हैं उनसे आप को नुकसान भी झेलने पड़ते हैं। चलिए जानते हैं कि लिव इन रिलेशनशिप में किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और इनसे हमें क्या फायदे और नुकसान होते हैं।

लिव इन रिलेशनशिप के फायदे

जहां लिव इन रिलेशनशिप के नुकसान है तो वही उसके फायदे भी हैं। आइए जानते हैं कि लिव इन रिलेशनशिप के फायदे क्या-क्या हैं।

अगर आप अपने पार्टनर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं तो आपको उसके बारे में बहुत सारी बातें जानने को मिलती हैं।

शादी के बाद आपको कौन-कौन सी जिम्मेदारियां उठानी पड़ेगी, यह सब समझ लिव इन रिलेशनशिप में आ जाती है।

अगर आपको आपका पार्टनर लिव-इन रिलेशनशिप में अच्छा मिला है तो इससे आप की जिंदगी संवर जाती है।

जब दोनों लोग लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं, तो उन दोनों को समझ में आ जाता है कि शादी के बाद उन दोनों को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां उठानी पड़ सकती हैं। उन दोनों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास हो जाता है।

दोनों को इन बातों का पता चल जाता है कि कितना हमें अपने आगे के भविष्य में खर्चा करना चाहिए और कितना पैसा बचाना चाहिए।

आपको जानकर अच्छा लगेगा कि जो लोग काफी लंबे समय से एक दूसरे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं। तो उसमें मेल पार्टनर की संपत्ति में फीमेल पार्टनर को ऑटोमेटिक आधा हिस्सा मिल जाता है। क्योंकि यह एक कानून बनाया गया है और इस कानून के हिसाब से मेल पार्टनर को इसका पालन करना पड़ता है।

लिव-इन रिलेशनशिप के नुकसान

अगर लिव इन रिलेशनशिप में आपको पार्टनर बुरा मिल गया है, तो यह रिलेशनशिप टूटने के बाद आपको जिंदगी भर वो रिलेशनशिप बुरे ख्वाब की तरह याद आता रहता है।

जो लोग लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं उन दोनों को हमेशा इस बात का खतरा रहता है, कि उनका पार्टनर उन्हें छोड़कर कभी भी जा सकता है। क्योंकि लिव इन रिलेशनशिप में एक दूसरे को छोड़कर कभी भी जाने की आजादी होती है।

जब आप के परिवार वालों को इस लिव इन रिलेशनशिप के बारे में पता चलता है तो वे बेवजह बहुत ही परेशान होते हैं और इसकी वजह से आपको भी तनाव झेलना पड़ जाता है।

लोगों को कभी भी लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रहना चाहिए। जो लोग बहुत ही भावुक होते हैं उनके लिए यह लिव-इन-रिलेशनशिप खराब है।

क्योंकि दो लोग एक दूसरे के साथ रहते हैं तो कई बार उनकी छोटी छोटी बातें भी उन दोनों के बीच में तनाव का कारण बन जाती है। क्योंकि एक ही घर में वह एक दूसरे के साथ रह रहे हैं, तो सुलाह होने की बजाय उनमें और भी ज्यादा तनाव हो जाता है। बल्कि अगर वह दूर रहते तो वह तनाव उनका सुलझ भी सकता है।

बात की जाए भारतीय समाज की, तो आज भी भारतीय समाज के काफी लोग इस लिव इन रिलेशनशिप को अच्छा नहीं मानते हैं।

लिव इन रिलेशनशिप में सबसे बड़ी और खतरनाक बात यह होती है कि आप इसमें एक दूसरे के साथ बिना शादी के पति पत्नी की तरह रहते हैं। यानी कि शारीरिक संबंध भी बनाते हैं। ऐसे में उनके रिलेशनशिप खत्म होने के बाद अगर वह किसी और के साथ अपना भविष्य बना रहे हैं या शादी कर रहे हैं। तो उनकी शादीशुदा जिंदगी भी खराब हो सकती है।

क्या भारत में लिव इन रिलेशनशिप अवैध हैं

भारत में लाइव रिश्तों का बिल्कुल कानूनी है live in relationship indian law भारत के सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले में कहा है (अप्रैल 2014)  लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े को कानूनी रूप से विवाहित माना जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि एक अविवाहित युगल पति और पत्नी के रूप में एक साथ रह रहे हैं, तो उन्हें कानूनी तौर पर शादीशुदा माना जाएगा और महिला अपने साथी की मृत्यु के बाद संपत्ति का वारिस होने के योग्य होगी लेकिन इसके लिए कुछ बाते है जो लिव इन रिलेशनशिप में रहले वाले युवक युवतियों को सिद्ध करनी होगीं।

  1.  लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे युवक युवतियों को पति-पत्नी के तौर पर रहना होगा।
  2. जो भी लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं उनकी उम्र शादी के लिए कानून के द्वारा तय उम्र के बराबर या अधिक होनी चाहिए।
  3. इसके अलावा सही उम्र के साथ बाकी जरूरी सभी योग्यताओ को पूरा करना चाहिए, जैसे कि- दोनों ही अविवाहित होने  

लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान सावधानियाँ

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