प्यार किसी से गहरे लगाव की एक ऐसी भावना है, जो किसी और भावना से एकदम अलग होती है। प्यार के न जाने कितने ही प्रकार मौजूद हैं, जिसमें खुद से प्यार और रोमांटिक प्यार शामिल है। आप प्यार करने को और अपने प्यार को कई अलग-अलग तरीकों से दिखा सकते हैं।

खुद से प्यार करना (Loving Yourself)

अपनी कद्र करें: किसी और से प्यार करने से पहले, आपको खुद से प्यार करना होगा। खुद से प्यार करने का मतलब, आपको अपने अंदर मौजूद खूबियों को स्वीकार करना और उनकी कद्र करना सीखना होगा। आपके अंदर ऐसी न जाने कितनी ही खूबियाँ होंगी, जो कि आपके लिए एकदम यूनिक होंगी। आप जैसे भी हैं और आप जो कुछ कर सकते हैं, उसकी कद्र करना सीखें।

  • अगर आपको खुद से प्यार करने में कोई परेशानी है, तो फिर अपनी अहमियत बढ़ाने के लिए कठिन परिश्रम करें। अपने बीते समय को स्वीकार करते हुए, अपने सेल्फ-कोंफिड़ेंस पर काम करें और आगे बढ़ने की कोशिश करें। हो सकता है, कि आपको अपने बीते हुए पलों में की हुई किसी भूल के कारण आप से प्यार करने में तकलीफ हो रही हो, या फिर एक प्यारे इंसान बनने में बहुत सारी परेशानियाँ हो रही हों। ये सब झूठ है। जो हुआ, उसे स्वीकार करें और खुद को माफ़ करके, आगे बढ़ जाएँ।

जिस तरह आप दूसरों की परवाह किया करते हैं, ठीक उसी तरह अपनी परवाह किया करें: यदि आप खुद को एक नेचुरल केयरटेकर के रूप में पाते हैं या फिर यदि आपके बच्चे हैं, तो आपके लिए ये करना मुश्किल हो सकता है। याद रखें, अगर आप पर्याप्त रूप से अपना ख्याल रखते हैं, तो दूसरों की देखभाल करने की आपकी क्षमता भी बढ़ जाती है। [२]

  • खुद को आखिरी प्रायोरिटी न बनने दें; इसकी जगह पर कुछ ऐसी चीज़ें करें, जिनसे ऐसा जाहिर हो सके, कि आपको अपनी परवाह है। खुद को एक मसाज या बाथ से ट्रीट दें। हर दिन में अपने लिए कम से कम एक ऐसी चीज़ जरुर करें, जो सिर्फ आपके लिए हो।
  • इसमें अपनी हदों को बनाए रखना और “नहीं” कहना शामिल है। अगर आपको सिर्फ कुछ रिलैक्सेशन की जरूरत है, तो फिर फ्रेंड्स के साथ गेट टुगेदर पर जाने के लिए मना कर दें।

आभार प्रकट करें: आभार दर्शाने वाले लोगों को बहुत सारे हैल्थ संबंधी लाभ होते हैं और इनकी खुशियाँ भी बहुत ज्यादा होती हैं।[४] अपने आसपास मौजूद हर उस चीज़ के प्रति आभार दर्शाएँ, जिनकी वजह से आप हैं और खासकर उन्हें, जिनके लिए आप हैं।

  • आपके पास मौजूद ऐसी खासियत के बारे में सोचें, जिन्हें आप पसंद करते हैं। हो सकता है, कि आप एक काफी जुनूनी इंसान हों, एकदम उदार हों या फिर एक अच्छे लिशनर हों। हो सकता है कि आप नई स्किल्स को आसानी से सीख लिया करते हैं। शायद आप बिल्कुल एक प्रोफेशनल की तरह खूबसूरत पेंटिंग या वायर इलेक्ट्रिसिटी तैयार कर लेते हों। कुछ पल रुकें और इनके प्रति आभार व्यक्त करें।

सही बर्ताव रखें: फिर चाहे परिस्थिति कितनी ही नेगेटिव क्यों न हो, अपने लिए कुछ छोटा या बड़ा पॉजिटिव जरुर ढूँढ लें। पॉजिटिव नजरिया आपकी हैल्थ और इमोशनल लाभ, जैसे कि डिस्ट्रेस की कमी और लंबी उम्र से जुड़ा हुआ होता है।[५] आपको जब भी नेगेटिव विचार आएँ, खासकर अपने लिए, तब उन्हें फौरन ही पॉजिटिव विचारों में बदलने की कोशिश करें।

  • नेगेटिव विचारों को पॉजिटिव विचारों में बदलने के लिए, खुद से पॉजिटिव बात करके देखें।
  • नई परिस्थिति से जुड़े विचारों का सामना करें। जैसे कि, “मैं इसे पूरी तरह से खराब कर दूंगी; मैं बहुत बुद्धू हूँ!” बोलने की बजाय, “मुझें खुद पर बहुत प्राउड हो रहा है, कि मै कुछ नया करने की कोशिश कर रही हूँ।” बोलकर देखें।
  • अगर आप ऐसा सोचते हैं, कि “मुझे लोगों से घुलना-मिलना नहीं आता” तो इसे कुछ इस तरह के विचार से बदलकर देखें, “मैं एक नई सोशल स्किल को सीखने और अपने ही जैसे और भी नए लोगों से मिलने को लेकर काफी उत्साहित हूँ। मुझे मालूम है, कि मैं अपने लिए नये फ्रेंड्स तो बना ही सकती हूँ।”

ऐसे काम करें, जिन से आपको ख़ुशी मिलती है: खुश रहना भी अपने प्रति प्यार दिखाने का ही एक हिस्सा होता है। आपको जो करके अच्छा लगता है, उसे करना शुरू करके, ख़ुशी को बरक़रार करना सीखें। ऐसी चीज़ें करें, जो आपके शरीर, मन, इमोशंस और आत्मा को अच्छा महसूस करा सकती हैं। ज्यादा करके खुशियाँ, अपनी लाइफ को पॉजिटिव बनाने के लिए किये गये प्रयास पर निर्भर होती हैं।

  • आप चाहें तो मेडिटेट करना चुन सकते हैं, योग कर सकते हैं, पेंटिंग या ड्राइंग कर सकते हैं, हाईकिंग कर सकते हैं, कश्ती घुमा (kayak) सकते हैं, मय थाई (Muay Thai) सीख सकते हैं या फिर किसी अच्छी चर्चा में शामिल हो सकते हैं। सोचें, कि ऐसा क्या है, जो आपके चेहरे पर मुस्कान ला देता है, और बस वही करें!

कुछ वक्त अकेले भी बिताएँ: अपने साथ कुछ वक्त अकेले बिताना भी, अपनी परवाह करने का एक महत्वपूर्ण भाग है। आप अगर अपना रूम किसी के साथ में शेयर किया करते हैं या फिर घर में बच्चे हैं, तो ऐसे में ये कर पाना जरा कठिन जरुर लग सकता है, लेकिन अपने लिए कुछ समय बचाकर रखना बेहद जरूरी होता है। अकेलापन आपको खुलने में, अपनी प्रॉब्लम्स को समझने में, अपने मन को रिबूट करने में और अपने आप की तलाश करने में मदद करता है। बस इसलिए क्योंकि आपको कुछ समय अकेले बिताने की चाह है, इसके लिए खुद को कसूरवार समझने की जरूरत नहीं है। कुछ वक्त अकेले बिताने से आप अपनी ख़ुशी को अहमियत देकर, आपके रिलेशनशिप को बेहतर बना सकते हैं।[७]

  • इस बात को समझना भी जरूरी है, कि अकेले वक्त बिताने का मतलब ये नहीं, कि आप सोशल मीडिया पर पहुँच जाएँ। ऐसी चीज़ें करने की कोशिश करें, जो आपकी लाइफ को बेहतर बनाने के साथ ही आपको अच्छा भी फील करा सकें, जैसे कि एक वाल्क पर चले जाएँ या फिर डायरी लिख लें।
  • अगर आपको खाली समय नहीं मिल पा रहा है, तो फिर सुबह में दूसरे लोगों से पहले उठ जाएँ या फिर अपना लंच ब्रेक अकेले ही बिताएँ। हफ्ते में एक दिन एक घंटे के लिए, अपने पार्टनर को बच्चों की देखरेख का जिम्मा सौंपें, ताकि आप घर से बाहर निकलकर कुछ वक्त अकेले बिता सकें।

इस बात को भी मानें, कि आपको अच्छा फील करने के लिए एक पार्टनर की जरूरत नहीं है: कुछ लोगों का ऐसा मानना होता है, कि प्यार और ख़ुशी को केवल किसी रिश्ते के जरिये ही पाया जा सकता है, या फिर बिना किसी रिश्ते से बेहतर है, कि आपके पास कोई एक रिश्ता तो हो। किसी ऐसे में रिश्ते में रहना, जो सही तरीके से नहीं बन पाया हो, उसमें आपका या आपके पार्टनर का सम्मान नहीं होगा। अकेले समय बिताना, अकेलेपन से एकदम अलग होता है और फिट होने या खुद को कम्पलीट फील करने के लिए सोशल प्रेशर की जरूरत नहीं है। [८]

  • आप अगर खुश नहीं हैं, या फिर अकेले होने के कारण धैर्य खो रहे हैं, तो उस परिस्थिति से निकलने के लिए कुछ बेस्ट करने का सोचें। कुछ ऐसे काम कर लें, जिन्हें किसी पार्टनर या फैमिली के साथ रहते हुए कर पाना मुश्किल हो। बहुत सारे क्लोज फ्रेंड्स के साथ में घूमने जाएँ और अपनी इस आज़ादी को एन्जॉय करें।

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