योनी में खुजली, जलन और इन्फेक्शन के कारण और घरेलू इलाज

योनी में खुजली, जलन और विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शन से अधिकतर महिलाएँ परेशान रहती हैं। योनि में संक्रमण को खमीर संक्रमण भी कहा जाता हैं। खमीर एक प्रकार का फंगस होता है जो कुछ मात्रा में योनि में पाया जाता है। अगर  योनी में खमीर की मात्रा बढ़ जाए तो इससे योनि में इन्फेक्शन का खतरा बढ़  जाता है। योनी में खुजली होना इसके सबसे साधारण लक्षण होते है। अधिकतर मामलो में खुजली और जलन का होना इन्फेक्शन का लक्षण होता हैं जो की खतरनाक नहीं होता लेकिन सही निर्णय यही है की आप अपने डॉक्टर से पास जाकर अपनी समस्या का जल्द इलाज करवा लें|

इसके अन्य लक्षणों में पेशाव करते समय या यौन संबंध बनाते समय योनि में दर्द और जलन का होना , योनी में सूजन होना आदि शामिल हैं।

इस तरह का इन्फेक्शन कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह परेशानी उन महिलाओं को अधिक होती है जो अधिक यौन संबंध बनाती हैं। इसके अतिरिक्त एंटीबायोटिक्स दवाओं का सेवन करने से भी इस तरह के जीवाणुओं में वृद्धि हो सकती है और संक्रमण का कारण बन सकती है। इसके अलावा कुछ और भी कारण हैं जैसे – गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन होर्मोन के स्तर में बदलाव होना, किसी भी समय हॉर्मोन में उतर चढ़ाव होना, शुगर आदि।

योनि में इन्फेक्शन के प्रकार

  1. योनी में यीस्ट संक्रमण का होना (Vaginal Yeast Infection in Hindi) – यह सबसे ज्यादा होने वाला योनि संक्रमण है। यीस्ट संक्रमण मुख्य रूप से कैंडिडा (Candida) नामक फंगस के कारण होता है। आपको बता दें की कैंडिडा फंगसमहिलाओं की योनि में कम मात्रा में प्राकृतिक तरीके से पाए जाते हैं और किसी भी प्रकार का नुकसा नहीं पहुचाते है। लेकिन किसी अन्य वजह से उनकी संख्या बढ़ जाती हैं तो योनि में संक्रमण उत्पन्न हो जाता हैं।
  2. योनि में बैक्टीरियल संक्रमण या बैक्टीरियल वेजिनोसिस का होना (Bacterial Vaginosis in Hindi) – महिलाओं के गुप्तांग पर अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जिनसेकिसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती लेकिन कई बार कुछ  कारणों से खराब बैक्टीरिया की संख्या अधिक हो जाती है जिससे आपके प्राइवेट पार्ट में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो जाता है जिसके लक्षण होते हैं खुजली, जलन, सूजन और बदबूदार डिस्चार्ज होना|
  3. ट्राइकोमोनिएसिस के कारण योनि में संक्रमणहोना (Trichomoniasis in Hindi) – तीनों प्रकार के योनि संक्रमणों में, ट्राइकोमोनिएसिस ही एक ऐसा संक्रमण है जो यौन संचारित संक्रमण (Sexually transmitted infection (STI) के द्वारा होता है। सामान्य भाषा में इसे ट्रिच (Trich) भी कहा जाता है। इसका मुख्य कारण एककोशिकीय परजीवी ट्राइकोमोनास वैजिनैलिस (Trichomonas vaginalis) होता है।इस तरह का संक्रमण यौन संभोग के दौरान किसी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित किया जाता है।

योनि में यीस्ट संक्रमण के कारण

यीस्ट इन्फेक्शन हर चार में से 3 महिलाओं को अपनी जिन्दगी में एक बार या उससे ज्यादा बार अपना शिकार बनती है| यह उन महिलाओं को अधिक होती है जो महिलाएं शराब, birth कण्ट्रोल पिल्स, ख़राब खान पान का सेवन करती हैं| मानसिक तनाव, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, डायबिटीज द्वारा ग्रसित महिलाओं में भी यीस्ट इन्फेक्शन ज्यादा होने का खतरा रहता है| इसमें योनी से सफेद क्रीम रंग का डिस्चार्ज होता है, बदबू आती है, योनी में दर्द, जलन और सूजन रहती हैं और पेशाब और सम्भोग के समय दर्द और जलन होती है|

इन कारणों के के अलावा योनी पर केमिकल युक्त पदार्थों का इस्तेमाल जैसे डिटर्जेंट, साबुन, डीओ, कक्रीम, टॉयलेट पेपर, कंडोम, सफाई सफाई की कमी आदि द्वारा भी इन्फेक्शन जलन और खुजली का खतरा रहता है| इनके अलावा दवाइयां, स्किन कंडीशन गीले और टाइट undergarments पहनना भी इस समस्या के लिए जिम्मेदार होते हैं।

योनी में खुजली, जलन और सूजन का इलाज

वैसे तो यदि आपकी समस्या के पीछे कोई बड़ा कारण नहीं है तो खुजली और दुसरे लक्षण अपने आप ही ठीक हो जायेंगे| लेकिन यदि आपको एक या दो दिन बाद भी आराम ना आये तो डॉक्टर से मिलिए| डॉक्टर आपकी योनी की जांच करेगी और डिस्चार्ज का सैंपल लेकर इन्फेक्शन के प्रकार के बारे में पता करेगी और आपको जरुरी उपचार देगी जैसे

STD होने पर आपको एंटीबायोटिक या एंटी परासिटिक दावा दी जाएगी| यीस्ट इन्फेक्शन हों पर अकसर डॉक्टर रोगी को एंटी फंगल दावा और क्रीम लिखते हैं|

योनी में खुजली का घरेलू उपचार है दही 

दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं और इस प्रकार दही योनि में खमीर संक्रमण को बढ़ने से रोकती है और अच्छे बैक्टीरिया का उचित संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।

आप दही का इस्तमाल इस तरह से कर सकती है दही में एक रुई के फाहे को डुबोएं और 2 घंटे के लिए योनि के उपर रखें। इसके बाद, गुनगुने पानी के साथ अच्छी तरह से साफ कर लें। दिन में दो बार यह उपाय करें।
इसके अलावा, अपने आहार में दही को शामिल करें।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस को कम करने के लिए नारियल के तेल का करें प्रयोग 

  1. नारियल के तेल में कपूर को मिलाकर इस्तेमाल करने से भी जलन कम होती है और त्वचा भी मुलायम बनी रहती है।
  2.  वैकल्पिक रूप से, आर्गेनिक नारियल तेल में टैम्पोन को डुबोये और अपनी योनि के लिए उसका इस्तेमाल करें। इसे कुछ घंटों के लिए ऐसे ही छोड़ दें। टैम्पोन हटाने के बाद गुनगुने पानी से अपनी योनि को धो लें। इसे रोज़ाना कई दिनों तक करें।
  3. इसके अलावा अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और उपचार प्रक्रिया को गति देने के लिए जितना संभव हो खाना पकाने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करें।

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